नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र के दौरान भारत के तकनीकी आत्मनिर्भरता और डिजिटल संप्रभुता के रोडमैप पर ऐतिहासिक चर्चा हुई। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि भारत अब केवल सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि अगले तीन वर्षों में वैश्विक चिप विनिर्माण और डिजाइनिंग का एक प्रमुख महाकेंद्र (Global Semiconductor Hub) बनकर उभरेगा। सरकार द्वारा घोषित 76,000 करोड़ रुपये के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत कई अंतरराष्ट्रीय फैब और एटीएमपी (Assembly, Testing, Marking and Packaging) परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी दे दी गई है।
गुजरात और असम में चिप प्लांट्स का निर्माण तेज गति से जारी
सदन को सूचित किया गया कि गुजरात के धोलेरा और साणंद में अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन फैसिलिटी का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है। इसके साथ ही असम के मोरीगांव में टाटा समूह द्वारा 27,000 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किए जा रहे पैकेजिंग प्लांट से पूर्वोत्तर भारत में लाखों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इन संयंत्रों से निर्मित चिप्स का उपयोग ऑटोमोबाइल, रक्षा उपकरण, स्मार्टफोन और दूरसंचार नेटवर्क में स्वदेशी रूप से किया जाएगा।
डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) नियमों का क्रियान्वयन
तकनीक के साथ-साथ नागरिकों के डेटा की सुरक्षा पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून के नियम अब अंतिम चरण में हैं। इसके तहत नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा का दुरुपयोग करने वाली कंपनियों पर 250 करोड़ रुपये तक के कड़े जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बच्चों के डेटा की सुरक्षा और सहमति के बिना डेटा शेयरिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
"21वीं सदी का वैश्विक नेतृत्व वही देश करेगा जिसके पास अपनी चिप्स, अपना डेटा और अपना एआई इकोसिस्टम होगा। भारत आज इन तीनों क्षेत्रों में दुनिया को नई दिशा दिखा रहा है।" - केंद्रीय आईटी मंत्री, संसद में वक्तव्य
सत्र के मुख्य नीतिगत बिंदु:
- इंजीनियरिंग वर्कफोर्स: देश के 300 प्रमुख विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेजों में सेमीकंडक्टर डिजाइनिंग और वीएलएसआई (VLSI) का विशेष पाठ्यक्रम शुरू किया गया है ताकि अगले पांच वर्षों में 85,000 प्रशिक्षित इंजीनियर्स तैयार किए जा सकें।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (IndiaAI Mission): 10,000 से अधिक जीपीयू (GPUs) की क्षमता वाला नेशनल सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित किया जाएगा, जिसका लाभ स्थानीय स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को रियायती दरों पर मिलेगा।
- दूरसंचार सुरक्षा: 6G रिसर्च के लिए भारत 6G अलायंस के तहत 100 से अधिक पेटेंट फाइल किए जा चुके हैं।
विपक्ष के सदस्यों ने इस मिशन का स्वागत करते हुए कुशल मानव संसाधन और जल-बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। सरकार ने आश्वस्त किया कि सभी प्लांट्स को ग्रीन एनर्जी से जोड़ने के लिए अलग से डेडिकेटेड सोलर पार्क्स बनाए जा रहे हैं।
💬 पाठकों की प्रतिक्रियाएं (0)
सभ्य और मर्यादित टिप्पणियों का स्वागत हैअभी इस खबर पर कोई टिप्पणी नहीं है। सबसे पहले अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करें!