नई दिल्ली। भारत में डायबिटीज (मधुमेह) अब केवल अधिक उम्र के बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि 25 से 45 वर्ष की आयु के कामकाजी युवाओं और महिलाओं में भी इसके मामले अप्रत्याशित गति से बढ़ रहे हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन (MDRF) के एक संयुक्त व्यापक अध्ययन के अनुसार, भारत में 10 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से ग्रस्त हैं, जबकि 13.6 करोड़ लोग प्रीडायबिटीज (Pre-diabetes) की स्थिति में हैं। यदि प्रीडायबिटीज के स्तर पर ही जीवनशैली में वैज्ञानिक सुधार कर लिए जाएं, तो इसे जड़ से रिवर्स (Reverse) करना पूरी तरह संभव है। एम्स (AIIMS) नई दिल्ली के वरिष्ठ एंडोक्रिनोलॉजिस्ट्स ने ब्लड शुगर को प्राकृतिक व स्थायी रूप से नियंत्रित करने के लिए 5 अचूक नियम साझा किए हैं।
1. 'पोस्टमेल वॉक' - भोजन के बाद 15 मिनट की वॉक का विज्ञान
आमतौर पर लोग खाना खाने के बाद तुरंत बैठ जाते हैं या सो जाते हैं, जो ब्लड शुगर को अचानक स्पाइक (Sugar Spike) कराने का सबसे बड़ा कारण है। स्पोर्ट्स मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, दोपहर और रात के मुख्य भोजन के 10 मिनट बाद केवल 15 मिनट की सामान्य गति से टहलने से रक्त शर्करा का स्तर 22% से 30% तक कम हो जाता है। जब आप चलते हैं, तो आपकी जांघों और पिंडलियों की बड़ी मांसपेशियां (Skeletal Muscles) रक्त से अतिरिक्त ग्लूकोज को बिना इंसुलिन की सहायता के सीधे ऊर्जा के रूप में सोख लेती हैं।
2. 'फूड सीक्वेंसिंग' - थाली में खाने का सही वैज्ञानिक क्रम
आप क्या खा रहे हैं, इसके साथ-साथ आप उसे किस क्रम में खा रहे हैं, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है:
- पहला चरण (फाइबर): भोजन की शुरुआत हमेशा हरी सलाद (खीरा, टमाटर, ककड़ी, गाजर या उबली ब्रोकली) से करें। फाइबर पेट की आंतों पर एक सुरक्षात्मक परत बना देता है।
- दूसरा चरण (प्रोटीन और फैट): इसके बाद गाढ़ी दाल, पनीर, टोफू, अंडा या अंकुरित अनाज (स्प्राउट्स) खाएं। प्रोटीन पाचन प्रक्रिया को धीमा करता है और तृप्ति का अहसास कराता है।
- तीसरा चरण (कॉम्प्लेक्स कार्ब्स): अंत में रोटी (ज्वार/रागी/चना मिश्रित) या ब्राउन राइस खाएं। इस क्रम से भोजन करने से भोजन के बाद ग्लूकोज अचानक नहीं बढ़ता।
3. सुबह खाली पेट मेथी दाने और दालचीनी का काढ़ा
एक चम्मच मेथी दाना (Fenugreek seeds) और एक चुटकी सीलोन दालचीनी को रात भर एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह इसे हल्का गुनगुना करके छान लें और घूंट-घूंट करके पिएं। मेथी में मौजूद 4-हाइड्रॉक्सीआइसोल्यूसीन नामक अमीनो एसिड अग्न्याशय (Pancreas) की बीटा कोशिकाओं को उत्तेजित कर प्राकृतिक इंसुलिन के स्राव को बढ़ाता है, जबकि दालचीनी इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) को कम करती है।
4. हिडन शुगर और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड पैकेज्ड फूड्स से पूर्ण परहेज
पैकेटबंद जूस, डाइट नमकीन, फ्लेवर्ड योगर्ट, बिस्कुट और सॉस में 'कॉर्न सिरप', 'माल्टोडेक्सट्रिन' या 'डेक्सट्रोज' के नाम पर भारी मात्रा में छिपी हुई चीनी होती है। यह सीधे लिवर में जाकर फैट जमा करती है और इंसुलिन रिसेप्टर्स को ब्लॉक कर देती है। सफेद चीनी, मैदा और डीप-फ्राइड स्नैक्स को दैनिक आहार से पूरी तरह बाहर निकालें।
5. 7 घंटे की गहरी नींद और तनाव नियंत्रण (कोर्टिसोल मैनेजमेंट)
अध्ययनों से सिद्ध हुआ है कि लगातार 6 घंटे से कम सोने पर शरीर में 'कोर्टिसोल' (स्ट्रैस हॉर्मोन) का स्तर बढ़ जाता है, जो लिवर को अतिरिक्त ग्लूकोज रक्त में छोड़ने के लिए मजबूर करता है। रोजाना रात 10:30 बजे तक सोने की आदत डालें और सोने से 1 घंटा पहले स्क्रीन (मोबाइल/टीवी) बंद कर दें।
"डायबिटीज कोई लाइलाज सजा नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर का संकेत है कि आपका ईंधन और जीवनशैली बेमेल हो चुके हैं। अपनी थाली में 50% हरी सब्जियां, 25% प्रोटीन और केवल 25% साबुत अनाज रखें।" - डॉ. अनूप मिश्रा, वरिष्ठ मधुमेह विशेषज्ञ
डायबिटीज में क्या करें और क्या न करें:
- क्या करें: दिन में कम से कम 3 लीटर पानी पिएं, नियमित 30 मिनट प्राणायाम या योग करें, हर 3 महीने में HbA1c टेस्ट अवश्य करवाएं।
- क्या न करें: कभी भी लंबे समय तक भूखे रहकर अचानक भारी भोजन न करें, बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से दवाइयों की खुराक न घटाएं-बढ़ाएं।
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