नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस का तनाव और देर रात तक स्मार्टफोन का अंतहीन स्क्रॉलिंग (Doomscrolling) आज लाखों लोगों की रातों की नींद छीन चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार, भारत के शहरी क्षेत्रों में लगभग 33% वयस्क क्रॉनिक इंसोमनिया (अनिद्रा) और स्लीप एप्निया से जूझ रहे हैं। नींद की कमी केवल आंखों के नीचे काले घेरे नहीं बनाती, बल्कि यह हाई ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन, याददाश्त में कमी, मोटापा और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता का सीधा कारण बनती है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं और योग विशेषज्ञों ने अनिद्रा से स्थायी छुटकारा पाने के लिए 4-7-8 श्वास तकनीक और प्राकृतिक स्लीप हाइजीन के नियम बताए हैं।
क्या है प्रसिद्ध '4-7-8' स्लीप ब्रीदिंग तकनीक?
डॉ. एंड्रयू वील द्वारा विकसित 4-7-8 श्वास तकनीक प्राचीन प्राणायाम पर आधारित एक वैज्ञानिक विधि है, जो पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय कर दिल की धड़कन को धीमा करती है और मस्तिष्क को तुरंत 'रेस्ट एंड डाइजेस्ट' मोड में ले जाती है:
- स्टेप 1 (4 सेकंड): मुंह पूरी तरह बंद रखें और नाक से धीरे-धीरे 4 सेकंड तक गहरी सांस अंदर खींचें।
- स्टेप 2 (7 सेकंड): सांस को फेफड़ों में 7 सेकंड तक पूरी तरह रोककर रखें (कुंभक)। यह रक्त में ऑक्सीजन के अवशोषण को बढ़ाता है।
- स्टेप 3 (8 सेकंड): मुंह से 'हूश' की आवाज निकालते हुए 8 सेकंड में धीरे-धीरे पूरी सांस बाहर छोड़ें।
- अभ्यास: इस चक्र को लगातार 4 बार दोहराएं। बिस्तर पर लेटने के बाद इस क्रिया को करने से 2 से 3 मिनट के भीतर मन शांत हो जाता है और गहरी नींद आने लगती है।
प्राकृतिक मेलाटोनिन (स्लीप हॉर्मोन) बढ़ाने के 5 नियम
1. डिजिटल डिटॉक्स - नीली रोशनी (Blue Light) पर प्रतिबंध
स्मार्टफोन, लैपटॉप और एलईडी टीवी की स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी मस्तिष्क की पीनियल ग्रंथि को यह संकेत देती है कि अभी दिन है, जिससे मेलाटोनिन का स्राव रुक जाता है। सोने से ठीक 60 मिनट पहले सभी डिजिटल स्क्रीन बंद कर दें। कमरे में हल्की पीली रोशनी या पूर्ण अंधेरा रखें।
2. बेडरूम का तापमान और माहौल
नींद के विशेषज्ञों के अनुसार, गहरी नींद (REM Sleep) के लिए कमरे का आदर्श तापमान 18 से 21 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। बिस्तर पर जाने से पहले अपने पैरों को गुनगुने पानी से धोएं या तलवों में तिल के तेल की हल्की मालिश करें।
3. शाम 4 बजे के बाद कैफीन का त्याग
चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन का आधा जीवनकाल (Half-life) 6 से 8 घंटे का होता है। यदि आप शाम 6 बजे कॉफी पीते हैं, तो रात 12 बजे भी उसका 50% असर आपके दिमाग के एडिनोसिन रिसेप्टर्स को ब्लॉक रखता है। शाम 4 बजे के बाद हर्बल टी (कैमोमाइल टी) लें।
"नींद कोई समय की बर्बादी नहीं, बल्कि मस्तिष्क की दैनिक सर्विसिंग और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने वाली 'ग्लाइम्फैटिक सिस्टम' की अनिवार्य सफाई प्रक्रिया है।" - वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट, निमहंस (NIMHANS)
सोने से पहले का 30 मिनट का रूटीन:
- गुनगुने दूध में एक चुटकी जायफल या हल्दी मिलाकर पिएं।
- कोई सकारात्मक किताब के 5-10 पन्ने पढ़ें।
- मन में दिनभर की 3 अच्छी बातों के लिए कृतज्ञता (Gratitude) व्यक्त करें।
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